जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा

जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा
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सोमवार, फ़रवरी 27, 2012

जालोर। वैश्यावृत्ति में लिप्त महिलाओं का कार्य अब उनके बच्चों की परवरिश व शिक्षा में आड़े नहीं आएगा। प्रदेश में नि:शुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अघिकार अघिनियम लागू होने के बाद अब ऎसी महिलाओं के बच्चों को आयु अनुरूप समुचित कक्षा में प्रवेश देेने के निर्देश दिए गए है। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न राज्यों व केन्द्र प्रशासित राज्यों में वैश्यावृत्ति में लिप्त महिलाओं केे पुनर्वास व उनके बच्चों की समुचित शिक्षण व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
इसके तहत राज्य में नि:शुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अघिकार अघिनियम लागू होने के बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की पालना के लिए प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक ने सभी उप निदेशक व जिला शिक्षा अघिकारियों को वैश्यावृत्ति में लिप्त महिलाओं केे बच्चों की समुचित शिक्षण व्यवस्था के निर्देश दिए है।

ऎसी महिलाओं के बच्चों को राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आयु अनुरूप समुचित कक्षा में प्रवेश देने के निर्देश दिए है, साथ ही यह भी निर्देश दिए है कि इन महिलाओं के बच्चों को प्रवेश देने से इनकी क्षतिग्रस्त सामाçाजक स्थिति बाधक नहीं होनी चाहिए। इन महिलाओं के बच्चों को इस आधार पर प्रवेश से वंचित भी नहीं किया जा सकता है कि वह वैश्यावृत्ति में लिप्त महिला का बच्चा है।

इनका कहना....
नि:शुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अघिकार अघिनियम के इस नए निर्देश को सभी ब्लॉक शिक्षा का अघिकारियों को भेजकर इसकी पालना करने के निर्देश दिए गए है।
-मोहनलाल परिहार अवर उप जिला शिक्षा अघिकारी(प्रा.शि.) जालोर