जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा

जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा
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शुक्रवार, अक्टूबर 11, 2013

मित्रो , भारतीय कानून आर  टी आई एक्ट का इस्तेमाल करने वाले सम्भुराम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा ,
          ग्राम के सरपच की दबंगई के आगे शम्भुराम की एक न चली .आज वो इस दुनिया में नही है .शम्भुराम की मौत
      का जिमेदार कोण है .कानून या सरपंच .
           इसका जिमेदार कानून है .सरकार ने कानून बना दिया .सुचना मांगो और मरो ,सरकार कुछ नही जानती .
मित्रो .कानून तो बनते है ,लेकिन कानून का इस्तेमाल करने की हिमाकत कोई करता है ,तो उसको मार दिया जाता है ,
          आर टी आई कार्यकर्ताओ की आये दिन एक खबर आती है ,कोई गोली से मार दिया जाता है ,किसी के हाथ पैर काट दिए जाते है .
          फिर भी सरकार की तरफ से आर.टी.आई कार्यकर्ताओ को कोई सुरक्षा नही है ,सुरक्षा की बात तो दूर है .इस्थानीय पुलिस भी कुछ नही करती ,
मित्रो . सरकार ने आम जनता के लिए सुचना का अधिकार अधिनियम लागु तो किया .लेकिन मुझे लगता है .जिसको मोत प्यारी है .वो आर .टी. आई मांगे
      जैसे हम सब देख रहे है ,पुणे में दिनदहाड़े आर टी.आई कार्यकर्ता की हत्या कर दी गयी .आये दिन ये हादसे होते रहते है .कब तक ये हत्याए होती रहेगी ,कब तक हम आख बंद कर के देखते रहेंगे ,सरकार से मेरी मांग है ,आर.टी.आई कार्यकर्ताओ की सुरक्षा के लिए विशेस कानून बनाया जाए ,ताकि उनकी सुरक्षा हो सके ,अन्यथा ये कानून बदल दे .भारतीय सविधान अनुछेद २१ में लिखा है ,आम आदमी की हिफाजत की गारण्टी सरकार की है .कब तक ये हत्याए
होती रहेगी .सरकार देखती रहेगी .मरने वाला भी किसी का भाई है ,किसी का बाप है .उसको भी जीने का अधिकार है ,विभाग  से हिशाब क्या मांगना मौत को गले लगाना है ,फिर ये कानून किस काम का ,भारतीय सरकार से मेरी अप्पिल है .आर.टी.आई कार्यकर्ताओ की हिफाजत .एवं सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाये ,उनकी सुरक्षा करे .जय हिन्द वन्दे मातरम् ....शम्भुराम को तहेदिल से श्रदांजलि आर्पित .इश्वर उनकी आत्मा को शांति दे ..जागरूकता के लिए अपना बलिदान दे दिया .आर.टी.आई एक्टिविस्ट जगदीश आर राजपुरोहित जालोर .राजश्थान .........