जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा

जगदीश सिंह राजपुरोहित जोड़वाड़ा
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शुक्रवार, सितंबर 28, 2012

सूचना का अधिकार: हक से मांगने का अधिकार,,,,,,,,
कहने को तो हम अपने आप को स्वतंत्र कहते हैं पर क्या सही में हम स्वंतत्र हैं. शायद नहीं, क्योंकि हमारे पास कुछ ऐसे अधिकार हैं जिनका सही प्रयोग हम नहीं करते हैं. यदि उन अधिकारों का सही प्रयोग किया जाए तो स्वतंत्र होने का सही रूप में अहसास किया जा सकता है. जानने का अधिकार(Right To Know Day) सभी को है पर हम अपने इस अधिकार का प्रयोग खुलकर नहीं कर पाते हैं. आम नागरिक सिर्फ कहने के लिए आम नागरिक होता है पर वास्तव में देखा जाए तो आम नागरिक के पास एक ऐसा अधिकार है जिससे कि वह बड़े-बड़े राजनेताओं और अफसरों की कुर्सी हिला सकता है. यह अधिकार है जानने का अधिकार या किसी भी विभाग से सूचना लेने का अधिकार. सूचना का अधिकार(Right To Information) एक ऐसा रामबाण है जो बड़े-बड़े अफसरों और राजनेताओं को यह याद दिला सकता है कि आम नागरिक के अधिकार किसी भी उच्च अधिकारी की कुर्सी से कहीं ज्यादा बड़े होते हैं.....आर टी आई एक्टिविस्ट जगदीश आर पुरोहित

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