वन क्षेत्र में आगजनी, पेड़ों की कटाई
और जंगली जानवरों की मॉनीटरिंग को लेकर अब वन विभाग की ओर से वॉच टॉवर्स बनाए
जाएंगे। इसको लेकर इको टूरिज्म प्रोजेक्ट के तहत विभाग को बजट की स्वीकृति भी मिल
चुकी है। गौरतलब है कि क्षेत्र के पहाड़ी इलाके और घने जंगलों में विभिन्न
प्रजातियों के पशु पक्षी और पेड़-पौधे पाए जाते हैं। वन क्षेत्र में पेड़ों के
संरक्षण और जंगली जानवरों की निगरानी को लेकर विभाग की ओर से यह सार्थक कदम उठाया
जा रहा है। इसी तरह वन क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर विभाग की ओर से झोपड़े भी
बनवाए जा रहे हैं, जिससे कि पर्यटकों को सहुलियत हो सके। वहीं इन वॉच टॉवर्स के
निर्माण के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न कार्यों की शुरुआत की
जाएगी।
20 लाख की स्वीकृति
प्रोजेक्ट के तहत विभाग को फिलहाल दो वॉच टॉवर्स बनाने के लिए दस-दस लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिली है। ये दोनों टॉवर्स अलग-अलग जगह बनाए जाएंगे। जिनमें पहला खोड़ेश्वर क्षेत्र में और दूसरा जसवंतपुरा पहाड़ी के पीछे जोहड़ में बनाया जाएगा। वॉच टॉवर्स की ऊंचाई जमीन से करीब 12 मीटर तक निर्धारित की गई है। इनमें फॉरेस्ट की चौकी और पानी की टंकी भी शामिल है।
इनका कहना
॥वन क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पेड़-पौधों व पशु-पक्षियों के संरक्षण को लेकर विभाग की ओर से खोड़ेश्वर के जंगलों व जसवंतपुरा की पहाडिय़ों में वॉच टॉवर्स का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही टॉवर का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं झोंपड़ों के निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।॥ - अनिल गुप्ता, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जसवंतपुरा
बनेंगे चार झोपड़े
जसवंतपुरा वन क्षेत्र व सुंधा कंजर्वेशन एरिया में व्यू प्वाइंट डव्लेपमेंट के लिए विभिन्न जगहों पर चार झोपड़े भी बनाए जाएंगे। वन विभाग को इसके लिए भी बजट मिल चुका है और कुछ जगह इनका निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ये झोपड़े खास तौर पर पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे हैं, जिससे कि वे जंगल को निहार सके। साथ ही कुछ समय यहां रुक कर विश्राम, भोजन या नाश्ता कर सकें।
वॉच टॉवर्स से होगी जंगलों की निगरानी
जसंवतपुरा. सुंधा वन्य क्षेत्र में झोपड़े लगाते श्रमिक।
20 लाख की स्वीकृति
प्रोजेक्ट के तहत विभाग को फिलहाल दो वॉच टॉवर्स बनाने के लिए दस-दस लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिली है। ये दोनों टॉवर्स अलग-अलग जगह बनाए जाएंगे। जिनमें पहला खोड़ेश्वर क्षेत्र में और दूसरा जसवंतपुरा पहाड़ी के पीछे जोहड़ में बनाया जाएगा। वॉच टॉवर्स की ऊंचाई जमीन से करीब 12 मीटर तक निर्धारित की गई है। इनमें फॉरेस्ट की चौकी और पानी की टंकी भी शामिल है।
इनका कहना
॥वन क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पेड़-पौधों व पशु-पक्षियों के संरक्षण को लेकर विभाग की ओर से खोड़ेश्वर के जंगलों व जसवंतपुरा की पहाडिय़ों में वॉच टॉवर्स का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही टॉवर का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं झोंपड़ों के निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।॥ - अनिल गुप्ता, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जसवंतपुरा
बनेंगे चार झोपड़े
जसवंतपुरा वन क्षेत्र व सुंधा कंजर्वेशन एरिया में व्यू प्वाइंट डव्लेपमेंट के लिए विभिन्न जगहों पर चार झोपड़े भी बनाए जाएंगे। वन विभाग को इसके लिए भी बजट मिल चुका है और कुछ जगह इनका निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ये झोपड़े खास तौर पर पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे हैं, जिससे कि वे जंगल को निहार सके। साथ ही कुछ समय यहां रुक कर विश्राम, भोजन या नाश्ता कर सकें।
वॉच टॉवर्स से होगी जंगलों की निगरानी
जसंवतपुरा. सुंधा वन्य क्षेत्र में झोपड़े लगाते श्रमिक।

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